Tejaji maharaj history in hindi, Tejaji maharaj biography, तेजाजी महाराज जीवन परिचय
Tejaji maharaj history in hindi
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नमस्कार दोस्तों आज के इस ब्लॉग में हम राजस्थान के लोक देवता तेजाजी महाराज के जीवन परिचय के बारे में पूरे विस्तार से चर्चा करने वाले हैं|
तेजाजी महाराज का परिवार-
जन्म-1130 ईसवी मेंपिता श्री-तेहाड देव
माता श्री- रामकंवरी
बहने- राजल
पत्नी- पमेल
सवारी- लिलन (गोड़ी)
जाति- जाट धोलिया (नागवंशी)
निवास- खेरनाल (नागौर)
ससुराल- पनेरा (अजमेर)
तेजाजी का मारवाड़ में प्रवेश-
तेजाजी महाराज का परिवार मध्यभारत के खिलचीपुर से मारवाड़ आये थे ओर मारवाड़ के खरनाल गाव को अपनी राजधानी बनाई, उसे समय खारनाल के परगने में 24 गांव थे|
Tejaji महाराज जीवन परिचय-
तेजाजी महाराज बचपन से ही बाहोत शरारती थे ओर वो एक अच्छे महापुरुष थे, वो अपने वचन के पक्के थे, उन्होंने अपने जीवन में बहुत अच्छे काम किए|
जैसे-किसानों को अच्छे अच्छे तकनीक बताई, सुद्रो को मंदिर में प्रवेश कराना, ओर समाज में अनेक काम किए जिससे समाज को सुधारा जा सकें, गायो के लिए एक से बढ़कर एक कदम उडाए ओर काफी बार अपनी जान को भी दावे पर लगाया हिन्दू समाज को बचाने के लिए|
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तेजाजी महाराज 1130 ईसवी में अनेक नेक काम किए जिससे लोग आज भी याद करते हैं ओर तेजाजी का विवाह बचपन में ही हो गया था|
तेजाजी का मेला तेजा दशमी को भरता है
Tejaji जीवन कथा-
तेजाजी महाराज एक बार अपने खेत में काम कर रहे थे, सावन भादवा का महीना था, बहुत गर्मी पड़े रही थी ओर तेजाजी को काम करते करते भूख लगे गेई, ओर दोहपर हो गई लेकिन उनके लिए कोई भी खाना नहीं लाया, तब वो एक खेजड़ी के नीचे आराम कर रहे थे, तब उनकी भाभी खाना लेकर आईं, तब तेजाजी को बहुत गुस्सा आया हुआ था, तो गुस्सा में तेजाजी अपनी भाभी से बोलते है कि इतनी देर कहा लगाई, मै यहां भूख से मर रहा हूं ओर बेल भी भूख है तो तेजाजी की भाभी वापसे गुस्से में कड़वे बोल बोलती हैं कि इतनी भी गर्म खाना चाहिए तो अपनी पत्नी को लेकर आ जाओ|
इतना सुनते ही तेजाजी को ओर गुस्सा आ जाता हैं ओर वो वहां से अपने घर की ओर चले जाते है वहां जाकर अपनी मां को बुलाते हैं, ओर कहते है मा मेरा ससुराल कहा है, तो मा बोलती है तुझे किसने बताया ओर तू इतना गुस्सा में क्यों है तो तेजाजी सारी बात अपनी मां को बता देते है, तो मा बोलती है अजमेर के पास पानेरा गांव में रायमल जी मुथा के वाहा तेजा तेरा ससुराल है|
इतना सुनते ही तेजाजी वाहा से अपने ससुराल की ओर रवाना हो जाते है, रास्ते में अनेक बार उनका बिल्ली कुता कोचर रास्ता काट ती है, लेकिन तेजाजी नहीं मानते है ओर अपने ससुराल चले जाते है वहां पर तेजाजी शाम के समय पहुंचते है तो तेजाजी की सासू मां गाय का दूध निकाल रही थी ओर तेजाजी गोड़ी पर सवार होकर अन्दर चले जाते है, जिससे गाय डर जाती है तो तेजाजी की सासू मां तेजाजी को गालियां देती हैं कि कोन है तू तुझे कालो नाग खाएगा ऐसी गालियां देती हैं, तो तेजाजी अपनी गोड़ी से बोलते है कि है लिलन आईं जैसे ही वापसी गिर जा, नुगरा री धरती में वासो नहीं करा, इतना बोलते है ओर वहां से चले जाते है, बाद में तेजाजी की पत्नी को पता चलता है कि मेरे पति आए है ओर मा ने ऐसे ऐसे बोल बोले, तो वो दोड़ी दौड़ी अपने धर्म की बहन लच्छा के पास जाती हैं ओर बोलती हैं कि मेरे पति से मिलवा दो तो लच्छा तेजाजी के पास जाती है ओर तेजाजी को मनाती हैं, ओर अपने घर लेकर आती हैं, तेजाजी रात में लच्छा घर पर ही रहते हैं, अचानक रात में चोर आते है ओर लच्छा की सारी गाये लेकर चले जाते है, फिर जब लच्छा को पता चलता है तो वो तेजाजी को बोलती है अपनी गाय वापस लाने के लिय , तो तेजाजी गाय लाने जाते है तो रास्ते में उन्हें एक सांप मिल जाता हैं जो गर्मी में इधर उधर धूप में भटक रहा था तो तेजाजी उसको भाला में डालकर एक छावे में छोड़ देते है तो सांप तेजाजी पर गुस्सा हो जाता हैं कि मुझे क्यों बचाया, में भगवान के घर जा रहा था, तुझे में जिंदा नहीं छोड़ूंगा, तो तेजाजी बोलते है एक बार मुझे गाय लाने दो फिर जो आप बोलोगे में करूंगा| इतना कहते है ओर वहां से चले जाते है ओर सारी गाय चोरो से छुड़ाकर लाते है, ओर वापस वहीं पर जाते है जा सांप को बचाया था, तो नाग देवता बहुत खुश होते है ओर बोलते की तुम वचन के पक्के हो, तो तेजाजी बोलते है अब आपको जो करना है करो तो नाग देवता खुश होकर तेजाजी की जान बक्स देते हैं, तो तेजाजी बोलते मुझे बक्सी हुई जान नहीं चाहिए, लोग मुझे कायर कहे कर बुलायगे तो नाग देवता बोलते है कि में तुमको कहा से काटू तुम्हारा सारा शरीर खून से लपथ है, तो तेजाजी बोलते है मुझे आप जीभ पर डस को, तो नाग देवता तेजाजी को जीभ पर डस लेते हैं ओर बोलते है तुम्हरा इस दुनिया मे अमर नाम होगा, ओर वहां से तेजाजी परलोक में चले जाते हैं|
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